निर्गुण ईश्वर निष्कलंक निराकार अजर-अमर, अविनाशी ,अनादी, अजन्मा, गुण-दोष, रहित है, उसके जैसा न कोई था, न कोई है, और नहीं …
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आज का सन्देश
मानव का सत्य-स्वरूप नश्वर भौतिक शरीर नहीं, मानव आत्मस्वरूपता में निर्गुण परमब्रह्म स्वरुप है व जीवात्म स्वरूप में सगुण परब्रह्म स्वरूप है…
अद्भुत रहस्यमय सृष्टि सृजन के रहस्यमय ज्ञानानुसार मानव निर्गुण ईश्वर का सगुण स्वरूप है, परमात्मा परब्रह्म की सर्वश्रेष्ठ कृति, सृष्टि का …
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अद्भुत रहस्यमय सृष्टि सृजन के रहस्यमय ज्ञानानुसार अरबो वर्ष पहले जब कहीं भी कुछ भी नहीं था, तब भी एक दिव्य …
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आज का सन्देश
एको ब्रह्म द्वितीयो नास्ति, सब मानते है अब यह भी जान लो एक ही ब्रह्म के दो स्वरुप दो चरित्र है…
अद्भुत रहस्यमय सृष्टि सृजन के रहस्यमय ज्ञानानुसार अरबो वर्ष पहले जब कहीं भी कुछ भी नहीं था, तब भी एक दिव्य …
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अद्भुत रहस्यमय सृष्टि सृजन के रहस्यमय ज्ञानानुसार ईश्वर एक है उसके दो स्वरूप दो चरित्र है, सृष्टि के सभी देवी देवता …
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अद्भुत रहस्यमय सृष्टि सृजन के रहस्यमय ज्ञानानुसार हमारी कर्मभूमि को बनकर लगभग 4 अरब 54 करोड़ वर्ष बीत चुके है, तब …
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सत्कर्म और सेवा से बड़ा और कोई मानव धर्म नहीं है, कर्मभूमि पर कलयुग को सतयुग मे परिणित करने के लिए …
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अद्भुत रहस्यमय सृष्टि सृजन के रहस्यमय ज्ञानानुसार कल्कि ज्ञान सागर का संदेश पूरी धरती सबका देश, सृष्टि के सभी जीव …
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धर्म शब्द का मतलब है मानव का कर्तव्य और कर्मभूमि पर मानव-मात्र का कर्तव्य है, सबकी सेवा सबसे प्यार किसी से …
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अद्भुत रस्यमय सृष्टि सृजन के रहस्यमय ज्ञानानुसार मनुष्यरूपी जीवात्मा का आत्मकल्याण के लिए देवलोक से कर्मभूमि पर प्रकृति के पंचतत्वों से …
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