अद्भुत रहस्यमय सृष्टि सृजन के रहस्यमय ज्ञानानुसार “एको ब्रह्म द्वितीयो नास्ति” सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में एक ब्रह्म ही परम सत्य है, उसे …
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आज का सन्देश
सतयुगी दुनिया के सृजन के लिए कर्मभूमि के आध्यात्मिक खंड भारत की पावन भूमि पर नवीन विश्व धर्म की स्थापना…
यदा यदा ही धर्मस्य ग्लानिभर्वति भारत, अभ्युत्थानाम धर्मस्य तदात्मानम सृजाम्यहम, परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम, धर्म संस्थापनार्थाय संभवामी युगे यूगे| अद्भुत …
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कल्कि ज्ञान सागर
धरती पर लाखो धार्मिक स्थल है, करोड़ो साधू-संत है, असंख्य धर्म ग्रंथ है फिर भी धर्म के प्रति ग्लानि क्यों ?
||कल्कि ज्ञान सागर के माध्यम से ईश्वरीय संदेश|| दोस्तो आज हमारी धरती पर लाखो धार्मिक स्थल है और करोड़ो …
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ईश्वर और धर्म दोनों ही मनुष्यों के भीतर हृदयस्त विधमान है वो बाहर धार्मिक स्थलों में नहीं …
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कल्कि ज्ञान सागर
जो लोग अवतार का अर्थ नहीं जानते वो स्वयं अपने आपको कल्कि अवतार बताकर लोगों को भ्रमित कर रहे है…
कलयुग को सतयुग में परिणित करने के लिए …
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कल्कि ज्ञान सागर
अयोध्या में विश्व-धर्म गुरुकुल बनाकर सम्पूर्ण मानव जगत को धार्मिक एकता का सन्देश दिया जा सकता है…
|| कल्कि ज्ञान सागर के माध्यम से ईश्वरीय संदेश || कर्मभूमि पर वर्तमान समय युग परिवर्तन की संधिवेला संगमयुग का समय …
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समाचार
आज के विज्ञान के युग में ईश्वरीय चमत्कार वैज्ञानिक के बताये अनुसार धरती पर आया नवीन विश्व धर्म…
कल्कि ज्ञान सागर के माध्यम से ईश्वरीय संदेश दोस्तों आपको जानकर आश्चर्य होगा कि आज के विकास के युग में भी …
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कल्कि ज्ञान सागर
सम्पूर्ण ब्रह्मांड में जो निर्गुण ब्रह्म परम सत्य है वही सगुण स्वरूप में सत-असत है एको ब्रह्म द्वितीयो नास्ति…
कल्कि ज्ञान सागर के माध्यम से ईश्वरीय संदेश| भक्त नहीं मैं तुम सबको भगवान बनाने आया हूँ| युग परिवर्तन की संधिवेला …
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कल्कि ज्ञान सागर
मनुष्य रूपी जीवात्मा का देवलोक से कर्मभूमि पर अवतरण व तन परिवर्तन होता है जन्म-मरण नहीं…
कलयुग को सतयुग में परिणित करने के लिए कल्कि ज्ञान सागर के माध्यम से ईश्वरीय संदेश आत्मा अजर-अमर, अविनाशी है, जीवात्मा …
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कल्कि ज्ञान सागर
सम्पूर्ण ब्रह्मांड की दिव्य महाशक्ति का कर्मभूमि पर निष्कलंक निराकार ”कल्कि ज्ञान सागर” स्वरूप भव्य अवतरण…
यदा यदा ही धर्मस्य ग्लानिभर्वति भारत, अभ्युत्थानाम धर्मस्य तदात्मानम सृजाम्यहम, परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम, धर्म संस्थापनार्थाय संभवामी युगे युगे| अद्भुत …
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